क्रिप्टोकरेंसी क्या है ? | What is Crypto currency in Hindi? | Cryptocurrency kya hai?

1
Share

क्रिप्टोकरेंसी क्या है ? Cryptocurrency kya hai ?

क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसा शब्द जो आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है यूट्यूब हो या एलोन मस्क या फिर बिल गेट्स आज का हर कोई क्रिप्टो करेंसी के बारे में बातें करता है।क्रिप्टो करेंसी को भविष्य की मुद्रा भी कहा जा रहा है तो आइए जानते हैं कि यह क्रिप्टो करेंसी क्या है ?

क्रिप्टो करेंसी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है क्रिप्टो अर्थात गूढ या गुप्त और और करेंसी का अर्थ है मुद्रा।

क्रिप्टो करेंसी मुद्रा का डिजिटल रूप है जोकि कंप्यूटर के विशेष कोडो के द्वारा बनाया जाता है। यह कंप्यूटर की एक विशेष टेक्नोलॉजी जिसे ब्लॉकचेन कहा जाता है पर आधारित होती है।

cryptocurrency, business, finance-3085139.jpg

किसी देश में वित्तीय लेनदेन के लिए एक विशेष मुद्रा या करेंसी का उपयोग होता है जैसे भारत की मुद्रा रुपया है और अमेरिका की मुद्रा डॉलर। इन मुद्राओं का भौतिक अस्तित्व होता है इनको हम छू सकते हैं सरकारें इन्हें छाप सकती हैं

इसके विपरीत क्रिप्टो करेंसी का कोई भौतिक रूप नहीं होता है क्रिप्टो करेंसी का कोई मुद्रण नहीं होता है क्रिप्टो करेंसी को हम छू नहीं सकते यह केवल डिजिटल फॉर्मेट पर अर्थात इंटरनेट पर ही अस्तित्व में रहती है।

किसी देश की मुद्रा पर उस देश की सरकार या वहां के रिजर्व बैंक का अधिकार होता है वह उसे अपने निर्णय के अनुसार उसका निर्माण और बदलाव कर सकते हैं परंतु क्रिप्टो करेंसी में किसी का भी कोई स्वामित्व नहीं होता है यह एक स्वतंत्र मुद्रा है। यह एक ऐसी करेंसी है जो सब देशों के लिए समान है ।

क्रिप्टो करेंसी का इतिहास (History of Cryptocurrency)

वर्ष 2008 में जब ग्लोबल क्राइसिस आया था उस समय सरकारों एवं वित्तीय संस्थानों के मुद्राओं के निर्माण एवं नियंत्रण के ऊपर काफी प्रश्नचिन्ह उठा था ।

वर्ष 2009 में सतोशी नाकामोतो नामक एक इंजीनियर ने क्रिप्टो करेंसी की परिकल्पना कर एक क्रिप्टो करेंसी का निर्माण किया था जिसे हम आज बिटकॉइन के नाम से जानते हैं।

क्रिप्टो करेंसी कैसे काम करती है? (How Cryptocurrency works?)

क्रिप्टो करेंसी ब्लॉकचेन नामक टेक्नोलॉजी पर काम करती है। ब्लॉकचेन एक डिसेंट्रलाइज अर्थात विकेंद्रित डेटाबेस पर आधारित होती है। यह एक स्वतंत्र डेटाबेस होता है जिस पर किसी का कोई स्वामित्व नहीं होता, वह सारे कंप्यूटर जो इन डेटाबेस से जुड़े हुए हैं यह डेटाबेस उन सभी के लिए समान होता है

ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी में एक जनरल लेजर अर्थात एक डिजिटल बहीखाता होता है जिसमें किसी भी ट्रांजैक्शन की सारी जानकारी अंकित की जाती है।

यह जानकारी नेटवर्क में जुड़ा हुआ कोई भी कंप्यूटर किसी भी समय कहीं से भी देख सकता है।

इन ट्रांजैक्शनो को बहुत ही शक्तिशाली कंप्यूटरों के माध्यम से वेरीफाई किया जाता है जो लोग इन ट्रांजैक्शन को वेरीफाई करते हैं उन्हें माइनर कहा जाता है और यह प्रक्रिया माइनिंग कहलाती है । माइनर का काम यह होता है कि वह किसी ब्लॉकचेन में दर्ज किए हुए ट्रांजैक्शनो की अपने कंप्यूटरों के माध्यम से जांच करता है और सही पाए जाने पर उसे वेरीफाई करता है जब कोई ट्रांजैक्शन माइनर के द्वारा वेरीफाई हो जाता है तब वह हमेशा के लिए उस बही खाते में दर्ज हो जाता है इस प्रकार बहुत सारी ट्रांजैक्शन ओं से मिलकर एक ब्लॉक का निर्माण होता है।

और बहुत सारी ब्लॉकों से मिलकर एक ब्लॉकचेन तैयार होती है।

क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग (Usage of Cryptocurrency)

विश्व के बहुत से देशों में क्रिप्टो करेंसी का उपयोग किसी भी वस्तु या सेवा को खरीदने के लिए किया जा सकता है। ( परंतु यह इस पर भी निर्भर करता है कि क्रिप्टो करेंसी देश में लीगल टेंडर की तरह मान्य है या नहीं)

क्रिप्टो करेंसी का उपयोग पैसों को एक देश से दूसरे देश में पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। वित्तीय संस्थानों की तुलना में इन ट्रांजैक्शनो पर बहुत ही कम फीस देनी होती है।

एप्पल जैसी बड़ी कंपनियों ने क्रिप्टो करेंसी को पेमेंट मोड की तरह एक्सेप्ट करना शुरू कर दिया है।

क्रिप्टो करेंसी का उपयोग हम इन्वेस्टमेंट की तरह भी कर सकते हैं भविष्य में इन के बढ़ते उपयोग को देखकर लोग क्रिप्टो करेंसी के मूल्य में अत्यधिक वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं। इसे भविष्य की करेंसी भी समझा जा रहा है।

क्रिप्टो करेंसी इतनी पॉपुलर क्यों हो रही है? (Why Cryptocurrencies are getting popular?)

क्रिप्टो करेंसी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण इसके मूल्यों में अचानक अत्यधिक वृद्धि का होना है।

बिटकॉइन जो की सर्वाधिक लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी है उसके मूल्यों में अत्यधिक उछाल आया है।

अप्रैल 2021 में बिटकॉइन का मूल्य भारतीय करेंसी में लगभग 50 लाख तक पहुंच गया था।

क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट कर के बहुत सारे लोग करोड़पति तक बन गए हैं।

क्रिप्टो करेंसी इसीलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ लोकप्रिय लोग जैसे कि एलोन मस्क बिल गेट्स अक्सर इसके बारे में सोशल मीडिया पर चर्चा करते रहते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट पेपाल एप्पल कुछ ऐसी प्रमुख कंपनियां हैं जिन्होंने क्रिप्टो करेंसी को अपनाया है।

भविष्य में क्रिप्टो करेंसी की बहुत ज्यादा संभावनाओं के अनुमान लगाए जा रहे हैं इस वजह से भी क्रिप्टो करेंसी बहुत ज्यादा ही लोकप्रिय हो रही है।

क्रिप्टो करेंसी के फायदे : (Benefits of Cryptocurrency)

क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अत्यधिक सुरक्षित तकनीक पर काम करती है।

इसमें भौतिक नुकसान की कोई संभावना नहीं होती।

चुकी है ओपन लेजर पर आधारित होती है इस वजह से इसकी ट्रांजैक्शनो में पूर्ण रूप से पारदर्शिता होती है।

लेन-देन में पूर्ण रूप से पारदर्शिता होने के बाद भी इसमें यूजर गोपनीय रह सकता है।

वित्तीय संस्थाओं के मुकाबले ने क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजैक्शन में फीस बहुत ही कम होती है।

क्रिप्टो करेंसी के नुकसान : (Drawback of Cryptocurrency)

चुकी क्रिप्टो करेंसी में किसी प्रकार की लीगल अथॉरिटी नहीं होती है इसलिए क्रिप्टो करेंसी में किया गया कोई ट्रांजैक्शन यदि गलत एड्रेस पर भेज दिया जाए तो उसे वापस प्राप्त करना नामुमकिन होता है।

क्रिप्टो करेंसी किसी वॉलेट या हार्ड ड्राइव में सेव की जा सकती है पर यदि किसी वजह से वॉलेट या उस हार्ड ड्राइव का पासवर्ड कोई भूल जाए तो वह उस क्रिप्टो करेंसी को प्राप्त नहीं कर सकता।

इसमें यूजर गोपनीय होकर ट्रांजैक्शन कर सकता है जिसकी वजह से इस टेक्नोलॉजी का उपयोग गलत संस्थाओं के द्वारा अवैध सामानों के लेनदेन में किया जाता है।

पूर्ण जानकारी ना होने से बहुत से लोग जो कि क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्टमेंट करते हैं वह अपनी सारी धनराशि भी गंवा देते हैं क्योंकि क्रिप्टो करेंसी का मार्केट बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव से भरा हुआ है।

क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजैक्शन ओ की माइनिंग में कंप्यूटरों को बहुत ही अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

अत्यधिक बिजली की आवश्यकता से जीवाश्म इंधनो की खपत अत्यधिक बढ़ गई है जोकि पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है।

क्या क्रिप्टो करेंसी भारत में लीगल है? (Is cryptocurrency are legal in India?)

वर्तमान सन 2021 में क्रिप्टो करेंसी भारत ने आंशिक रूप से लीगल है क्रिप्टो करेंसी को इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के रूप में मान्यता प्राप्त है।

परंतु यह एक लीगल टेंडर नहीं है।

अर्थात क्रिप्टो करेंसी को हम एक्सचेंज के माध्यम से खरीद बेच सकते हैं और इसकी ट्रेडिंग कर सकते हैं परंतु क्रिप्टो करेंसी से हम किसी भी वस्तु या सेवा को भारत के अंदर खरीद नहीं सकते।

वर्ष 2018 में भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो करेंसी को बैन कर दिया था।

परंतु सन 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक के इस निर्देश को खत्म कर दिया

वर्तमान में भारत में बहुत से क्रिप्टो एक्सचेंज क्रिप्टो करेंसी खरीदने एवं ट्रेडिंग की सुविधाएं प्रदान करते हैं।

Wazirx, Coin dcx, Zebpay प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंज है जोकि भारत में यह सुविधाएं प्रदान करते हैं

क्रिप्टो करेंसी का भविष्य : (Future of Cryptocurrency)

क्योंकि क्रिप्टो करेंसी में एक स्थान से दूसरे स्थान में पैसा पहुंचाना अत्यधिक सरल और कम खर्चीला है जिससे वित्तीय क्षेत्रों के लिए क्रिप्टो करेंसी एक बहुत अच्छा विकल्प है। वर्तमान में क्रिप्टो करेंसी मार्केट का कुल मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा है

जैसा कि पहले बताया गया है कि बहुत से बड़ी कंपनियां जैसे माइक्रोसॉफ्ट और एप्पल क्रिप्टो करेंसी में विशेष दिलचस्पी ले रही है जिसका क्रिप्टो करेंसी के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

क्रिप्टो करेंसी की दुनिया में लगभग 10000 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी मौजूद है

कुछ क्रिप्टो करेंसी किसी विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई है जैसे की सप्लाई मैनेजमेंट गेमिंग क्लाउड कंप्यूटिंग जब इन क्षेत्रों में ब्लॉकचेन को अपनाया जाएगा तब इन क्षेत्रों से जुड़ी क्रिप्टो करेंसी के मूल्यों में भी बढ़ोतरी का भविष्य देखा जा रहा है।

एक अमेरिकी देश एल साल्वाडोर ने बिटकॉइन को अपने देश में पूर्ण रूप से मान्यता दे दी है।

बहुत से देश अपनी स्वयं की क्रिप्टो करेंसी बनाने पर विचार कर रहे हैं।

फेसबुक भी अपनी स्वयं की क्रिप्टो करेंसी की तैयारी कर रहा है

हर एक क्रिप्टो करेंसी प्रोजेक्ट में बहुत से ब्लॉकचेन एक्सपर्ट और कंप्यूटर इंजीनियर की आवश्यकता होती है।

इस छेत्र मे नई नौकरियों की बहुत ज्यादा संभावनाएं है।

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार : (Types of Cryptocurrencies)

वर्तमान में क्रिप्टो करेंसी मार्केट में 10,000 से ज्यादा क्रिप्टो करेंसी उपलब्ध है

इन क्रिप्टो करेंसी में बिटकॉइन, एथेरियम, बाइनेंस, अड़ा, डोज कॉइन प्रमुख है।

हर क्रिप्टो करेंसी का निर्माण किससे एक विशेष प्रयोजन के लिए होता है इस वजह से क्रिप्टो करेंसी मार्केट में बहुत सारी करेंसी अवेलेबल है।

उदाहरण के तौर पर सप्लाई मैनेजमेंट के लिए VET नामक क्रिप्टो करेंसी का यूज़ होता है।

गेमिंग संबंधी कार्यों के लिए विंक कॉइन बनाया गया है।

इन सारे क्रिप्टो करेंसी एवं उसकी उपयोगिता की संपूर्ण जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध है।

coinmarketcap, coingecko कुछ विशेष वेबसाइट है जहां पर क्रिप्टो करेंसी से संबंधित सारी जानकारी उपलब्ध है।

क्रिप्टो करेंसी की ट्रेडिंग क्रिप्टो करेंसी भारत में कैसे खरीदें ? (How to trade Cryptocurrencies in India?)

किसी भी क्रिप्टो करेंसी को खरीदने के लिए किसी एक्सचेंज की आवश्यकता होती है।

भारत में क्रिप्टो करेंसी के लिए Wazirx, CoinDCX, Coinswitch Kuber जैसे कई एक्सचेंज उपलब्ध है जहां पर हम KYC करा कर अपना खाता बना सकते हैं और क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग कर सकते हैं।

उम्मीद है कि इस ब्लॉग से क्रिप्टो करेंसी संबंधित जानकारी उपलब्ध हुई है यदि इससे संबंधित आपके कोई प्रश्न या विचार हैं तो आप उन्हें कमेंट बॉक्स में दर्ज कर पूछ सकते हैं हम कोशिश करेंगे की आपको संतोषप्रद एवं सही जानकारी प्राप्त हो।

धन्यवाद